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मार्च, 2017 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं
💐🍁होली होती है​ रंगों के संग प्रेमरस में भीगे तन औ' मन। पिचकारी में भरा उन्माद उल्लास में भीगी बौछार । रंग जाए रोम-रोम सारा मिले दुआ की छत्रछाया। पड़े शीर्ष पर केसर जब -जब अपनत्व मिले केवल तब-तब।       ✏   अरुण कालिया

सूरजमुखी

🌻🌻🌻🌻🌻🌻 आज का सूरज देख सूरजमुखी हुआ उन्मुख कलियां भी चटखने लगीं अरुणिमा के सम्मुख रंग-बिरंगे फूलों पर तितलियां और भंवरे मानो हुए मंत्रमुग्ध । 🙏🙏दुआओं के सूरज 'नई दिशाएं' के धरातल पर असर दिखाने में हुए मश्गूल चांद तारों की टोलियां भी मचाने लगीं शोरगुल ।         🙏🙏  ✏ अरुणा कालिया